किस्से ... ( कुछ अधूरे कुछ पूरे) कहानी सुननी है... किसकी..? में तो किस्से सुनता हूँ, तो बताओ किस्से सुनोगे...? मेरे, तुम्हारे, हमारे या दूसरो के या किसी तीसरे किस्से तुम सुनोगे।। मेरी गर्लफ्रैंड, तुम्हारी गर्लफ्रैंड या किसी तीसरे की गर्लफ्रैंड के या गर्लफ्रैंड से हुई रातो को उन खूबशूरत बातो के किस्से तुम सुनोगे।। अरे चलो शुरू से शुरू करते है।। बचपन में किए उन सच्चे झूठे वादों के जो अक्सर अधूरे रह गए या स्कूल ग्राउंड में हुए उन झगड़ो के यादो के किस्से तुम सुनोगे।। क्लास में पीछे बैठ कर आगे बैठी अपनी क्रश के यूं ही पलट कर टकराती हुई नजरों के किस्से तुम सुनोगे।। एग्जाम में चीटिंग करते हुए पकड़े जाने के या स्कूल की वो आखरी शाम जब तुम रोना तो चाहते थे लेकिन फिर मिलगे का वादा कर रो नही प...
Vadh 2 Movie Review in Hindi मौत का खेल फिर से – Vadh 2 Movie Review (Hindi) 🔍 भूमिका Vadh 2 एक बार फिर दर्शकों को उस अंधेरी दुनिया में ले जाती है, जहाँ इंसान अपनी मजबूरी, गुस्से और हालात के कारण गलत रास्ता चुन लेता है। पहले भाग Vadh ने दर्शकों को जिस तरह चौंकाया था, उसी टोन और गंभीरता के साथ Vadh 2 वापसी करती है। यह फिल्म एक इमोशनल क्राइम थ्रिलर है, जो सिर्फ मर्डर की कहानी नहीं बल्कि इंसान की मानसिकता और हालात को भी दिखाती है। 📖 कहानी (Story Review) Vadh 2 की कहानी एक ऐसे आम इंसान के इर्द-गिर्द घूमती है, जो ज़िंदगी के दबावों से इतना टूट चुका है कि उसके पास अपराध के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता। फिल्म की शुरुआत धीमी होती है लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, suspense गहराता जाता है। इस बार कहानी सिर्फ “कत्ल” पर फोकस नहीं करती, बल्कि यह दिखाती है कि कोई इंसान अपराध करने से पहले किन हालातों से गुजरता है। पैसों की तंगी, समाज का दबाव, अपमान और सिस्टम की बेरुखी—ये सब मिलकर कहानी को और ज़्यादा रियल बनाते हैं। फिल्म में कई ऐसे सीन हैं जो आपको सोचने पर मजबूर कर देते हैं...