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किस्से... ( कुछ अधूरे कुछ पूरे)

                                                    किस्से ...                   ( कुछ अधूरे कुछ पूरे)                कहानी  सुननी है... किसकी..? में तो किस्से सुनता हूँ, तो बताओ किस्से सुनोगे...? मेरे, तुम्हारे, हमारे या दूसरो के या किसी तीसरे किस्से तुम सुनोगे।। मेरी गर्लफ्रैंड, तुम्हारी गर्लफ्रैंड या किसी तीसरे की गर्लफ्रैंड के या गर्लफ्रैंड से हुई रातो को उन खूबशूरत बातो के किस्से तुम सुनोगे।। अरे चलो शुरू से शुरू करते है।। बचपन में किए उन सच्चे झूठे वादों के जो अक्सर अधूरे रह गए या  स्कूल ग्राउंड में हुए उन झगड़ो के यादो के किस्से तुम सुनोगे।। क्लास में पीछे बैठ कर आगे बैठी अपनी क्रश के यूं ही पलट कर टकराती हुई नजरों के किस्से तुम सुनोगे।। एग्जाम में चीटिंग करते हुए पकड़े जाने के या स्कूल की वो आखरी शाम जब तुम रोना तो चाहते थे लेकिन फिर मिलगे का वादा कर रो नही प...
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Mardaani 3 Movie Review in Hindi | Rani Mukerji की दमदार वापसी

Mardaani 3 Movie Review Mardaani 3 Movie Review Mardaani 3 एक दमदार बॉलीवुड एक्शन-क्राइम थ्रिलर फिल्म है, जिसमें रानी मुखर्जी एक बार फिर पुलिस ऑफिसर शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार में नजर आती हैं। यह फिल्म Mardaani फ्रेंचाइज़ी की तीसरी कड़ी है और समाज से जुड़े गंभीर मुद्दों को बेहद सशक्त तरीके से पेश करती है। अगर आप मजबूत महिला किरदार, थ्रिलर कहानी और रियलिस्टिक एक्शन पसंद करते हैं, तो Mardaani 3 आपको जरूर पसंद आएगी। Mardaani 3 Story (कहानी) Mardaani 3 की कहानी एक गंभीर और संवेदनशील अपराध के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में बच्चियों के अपहरण और मानव तस्करी जैसे मुद्दों को दिखाया गया है। कहानी तब शुरू होती है जब कई मासूम लड़कियां अचानक गायब होने लगती हैं और पुलिस सिस्टम इस केस को ठीक से संभाल नहीं पाता। इसी दौरान केस की जिम्मेदारी डीसीपी शिवानी शिवाजी रॉय को दी जाती है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती है, कहानी एक बड़े और खतरनाक अपराध नेटवर्क की ओर इशारा करती है। शिवानी को सिर्फ अपराधियों से ही नहीं, बल्कि सिस्टम की कमियों और अंदरूनी राजनीति से भी लड़ना पड़ता है। कहानी तेज रफ्तार है और...

Space Gen: Chandrayaan – Web Series Review (Hindi)

  Space Gen: Chandrayaan – Web Series Review (Hindi) भारतीय अंतरिक्ष मिशन हमेशा से ही लोगों के लिए गर्व का विषय रहे हैं। ऐसे में जब कोई वेब सीरीज़ चंद्रयान जैसे मिशन पर आधारित होती है, तो उम्मीदें अपने आप बढ़ जाती हैं। "Space Gen: Chandrayaan" एक ऐसी ही वेब सीरीज़ है जो भारत के स्पेस प्रोग्राम, वैज्ञानिकों की मेहनत, और मिशन के पीछे की इंसानी कहानियों को सामने लाने की कोशिश करती है। यह सिर्फ एक साइंस बेस्ड शो नहीं है, बल्कि एक इमोशनल और मोटिवेशनल जर्नी भी है। Story सीरीज़ की कहानी भारत के चंद्रयान मिशन के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे एक साधारण सोच से शुरू होकर एक बड़ा सपना बनता है, और फिर उस सपने को हकीकत में बदलने के लिए वैज्ञानिकों, इंजीनियर्स और पूरी टीम को किन-किन मुश्किलों से गुजरना पड़ता है। कहानी केवल रॉकेट लॉन्च या टेक्नोलॉजी तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उन लोगों की पर्सनल लाइफ को भी दिखाती है जो इस मिशन का हिस्सा होते हैं। परिवार का दबाव, करियर का रिस्क, असफलता का डर और देश के लिए कुछ कर दिखाने की भावना – ये सब पहलू कहानी को इंसानी बनाते हैं। Directio...

BORDER - 2 MOVIE REVIEW

   MOVIE REVIEW BORDER - 2 Sunny deol की Border 2 एक ऐसी rana्म है जो सीधे दिल और देशभक्ति की नस पर हाथ रखती है। यह 1997 में आई सुपरहिट फिल्म Border की अगली कड़ी है, इसलिए दर्शकों की उम्मीदें शुरू से ही काफी ऊंची रहती हैं। यह फिल्म सिर्फ एक युद्ध कहानी नहीं है, बल्कि यह उन जज़्बातों की कहानी है जो एक सैनिक, उसके परिवार और पूरे देश के बीच जुड़े होते हैं। STORY फिल्म की कहानी 1971 के भारत-पाक युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है। कहानी तीन ऐसे जवानों के इर्द-गिर्द घूमती है जो अलग-अलग सेनाओं से जुड़े होते हैं। Varun dhawan थल सेना में है, Diljeet dosanjh वायुु सेना में और Ahaan shetty नौसेना में। हालात ऐसे बनते हैं कि इनकी ज़िंदगी, दोस्ती और कर्तव्य युद्ध के मैदान में एक साथ दुश्मन से टकराते हैं। फिल्म की कहानी बहुत ज़्यादा जटिल नहीं है, बल्कि इसे जानबूझकर सीधा और भावनात्मक रखा गया है ताकि आम दर्शक भी इससे जुड़ सके। देश, फर्ज़, बलिदान और भाईचारा इस फिल्म की आत्मा हैं। DIRECTION AND TREATMENT डायरेक्शन की बात करें तो फिल्म पूरी तरह पुराने Border व...

HUM TUM OR CHOCOLATE ( It's not a Love Story) -1

                                                                                             DESTINATION 25, december शाम के 5 बज रहे थे, और प्रतीक अपने कमरे में तैयार हो रहा है  कहाँ के लिए तैयार हो रहा है?" कमरे के अंदर आकर शान पूछता है। "ओपन माइक है, तो वही जा रहा हूं तुमको चलना है, तुम भी चलो।" प्रतीक ने जवाब देते हुए कहा। "तुम हो कर आओ, मैं चला अपने दोस्तों से मिलने।" यह कहकर शान कमरे से बाहर निकल गया। Open mic की शाम खत्म हुई और प्रतीक open mic मे बचे कुछ आखरी लोगो के साथ चाय पीने दुकान पर चला गया और वहां से जब घर वापसी के...

बिंदी -1( A story of dream & girl)

          Hey, में पलक वो ही एक मिडिल क्लास फैमिली की लड़की।  एक खास बात बताऊ मिडिल क्लास फैमिली की, नही मिडिल क्लास फैमिली की लड़की की वो सपने तो बहुत देखती है, लेकिन वो पूरे नही अक्सर अधूरे ही रह जाते है।  मेने तो बस एक ही सपना देखा था और इस मिडिल क्लास के पिंजरे को तोड़ने के लिए माँ को जिद करके ओर दीदी को खूब सारा मख्खन लगा कर दोनों को अपनी तरफ करके ओर अपने अंदर की पूरी हिम्मत जुटा कर पापा के सामने थी- "पापा मुझे जॉब करनी है। अपने लिए कुछ करना है, आपके लिए कुछ करना है।" पापा ने एक चिंताजनक चेहरा बनते हुए पूछा- "क्यों और कोई जरूरत नही है जब तक मे हूँ।" मेने एक बार फिर विनती करते हुए कहा- "प्लीज् पापा मुझे कुछ बनना है एक मौका दे दो ना।" इस बार मेरे दोनों कंधो पर एक तरफ दीदी ओर एक तरफ माँ का हाथ था तो शायद पापा मानने को तैयार दिख रहे थे। मेने पापा के पास बैठ कर बोला- "बस एक मौका मेरे लिए, आपका भरोसा कभी नही टूटने दूँगी ओर ना कोई ऐसा काम करुँगी जिससे आपकी इज़्ज़त को धक्का लगे।"  पापा गहरी साँस भरते हुए कहा- "ठीक है लेले, शायद मेरे बेटे की वो अधूरी...

देहात प्रेम- 1 (A love story in village)

                                                                           माँ की 4 मिसकॉल होने के बाद जब प्रतीक ने फ़ोन उठाया, माँ चिल्लाते हुए बोली– "इतनी देर तक कोन सोता है, अकेले बाहर रहते हो तो ऐसे रहोगे।" प्रतीक ने माँ की डांट से बचते हुए कहा- “अरे वो रात को थोड़ा पढ़ते पढ़ते थोड़ी देर हो गयी थी, वैसे फोन क्यों किया इतनी सुबह सुबह अपने कोई काम है?” "हाँ वो छुट्टी हो गयी है ना तेरी कोचिंग की तो गांव चले जाओ बड़े पापा बुला रहे है, वैसे भी दादा जी जब से स्वर्गवासी हो गए है, तुम गाँव नही गए हो।" मम्मी ने आर्डर देते हुए कहा। प्रतीक ना ना करते रह गया, लेकिन माँ के आगे किसकी चलती, जल्दी जल्दी तैयार हो कर अपनी स्कूटी लेकर गाँव निकल गया, जाते जाते अपने भाई कम दोस्त को फ़ोन करके बता दिया में आ रहा हूँ। 3 घण्टे के बाद गाँव के अंदर जाने वाली सड़क के पास जा कर प्रतीक ने जैसे ही गाड़ी मोड़ी एक लड़की तेज़ रफ्...